Kamar Dard Ka Ilaj In Hindi

नमस्कार दोस्तों, मैं एक डॉक्टर हूँ और मैं आज आप लोगों को अपनी इस पोस्ट के माध्यम से Kamar Dard Ka Ilaj के बारे में बताऊंगा। कमर दर्द आज लोगों की एक ऐसी समस्या है जिससे हर व्यक्ति परेशान है। यहाँ मै आज आप लोगों को कमर दर्द - Back Pain, कमर दर्द का कारण, लछण और Kamar Dard Ka Ilaj In Hindi सभी पैथियों (आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, बायोकैमिक, एलोपैथिक और फिजिओथेरपी ) से बताऊंगा।

Kamar Dard Ka Ilaj
Kamar Dard Ka Ilaj In Hindi

दोस्तों इलाज का मतलब होता है कि मरीज को किसी भी बीमारी से पूर्णतया ठीक करना। इसके लिए हम मरीज की प्रकृति और बीमारी के हिसाब से मरीज का ट्रीटमेंट या मरीज को ठीक करने के लिए विभिन्न पैथियों का प्रयोग कर के prescription बनाते हैं। जिससे मरीज आसानी से पूर्णतया ठीक हो सके। 
यहाँ मै आप लोगों को Kamar Dard Ka Ilaj In Hindi सभी पैथियों के जरिये बताऊंगा। आप लोगों अपने हिसाब से किसी भी treatment या पैथी की सहायता से अपनी Kamar Dard Ka Ilaj कर सकते हैं। तो आइये विस्तार में जानते हैं ;-

    Kamar Dard Ka Ilaj - कारण, लछण, All Treatment In Hindi

    कमर दर्द - Back Pain : 

    कमर हमारे शरीर का मध्य भाग है और हमारी स्पाइन का निचला हिस्सा। यह हमारे शरीर का मुख्य भाग है जो हमें उठने-बैठने में, चलने-दौड़ने में, झुकने में, और हमारे जीवन की अन्य क्रियाओं को आसानी से पूरा करने मदद करता है। 

    कमर दर्द या पीठ के निचले भाग में दर्द (Lower Back Pain) दुनिया की एक आम समस्या है। 

    पीठ के निचले भाग में तीव्र दर्द हल्का या तेज हो सकता है। 

    जब कभी किसी भी कारण से अचानक हमारे काम में कोई परिवर्तन होता है और हमारी कमर पर अत्यधिक कोई प्रेसर पड़ता है तो हमें कमर दर्द - Back Pain की समस्या हो जाती है। 


    कमर दर्द का कारण :

    कमर दर्द - Back Pain महिलाओं और पुरुषों दोनों में होता है। परन्तु विशेष रूप से महिलाओं में ज्यादा होता है। 

    Back Pain अधिक देर तक बैठे - बैठे कार्य करने से, खड़े रहने से, बैठने या खड़े रहने की गलत स्थिति (Posture) से, ज्यादा नरम गद्दों पर सोने से, गलत तरीके से भारी बजन उठा लेनें से, इत्यादि कई कारणों से कमर दर्द होता है।

    मासपेशियों के खिचाव से या मानसिक तनाव के कारन भी कमर दर्द - Back Pain (Kamar Dard Ka Ilaj) हो सकता है। 

    महिलाओं के गर्भाशय के विभिन्न विकारों से भी कमर दर्द - Back Pain हो सकता है। 

    पोषण की कमी के कारण आज कल के युवक - युवतियों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है।

    • Vitamin D की कमी के कारण भी कमर दर्द हो सकता है
    • हाई हील पहनना
    • स्पाइन या डिस्क में गड़वड़ी
    • कोई गंभीर बीमारी
    • गैस की समस्या 
    • निष्क्रिय जीवन-शैली 
    • ऑफिस में काम के दौरान गलत मुद्रा में काम करना, 
    • आपके काम का तनाव होना, मोटापा, (Weight Loss In 21 Days), 
    • शरीर की ऊंचाई, चलने का गलत तरीका, 
    • उम्र, इत्यादि कारणों से कमर दर्द हो सकती है। 


    आयुर्वेदिक दवाओं से Kamar Dard Ka Ilaj 

    * धतूरे के पत्तों का रस 200 ग्राम, आक के पत्तों का रस 200 ग्राम, अरण्ड के पत्तों का रस 200 ग्राम, तिल्ली का तेल 1 किलोग्राम लेकर उसमें भली-भाँति पकायें, फिर छानकर रख लें। जब यह तेल लगाना हो तो अर्द्धगर्म करके मालिश करें। परीक्षित है।

    * कच्चे आलू की पुल्टिस कमर में लगायें। 

    * मेथी की सब्जी खाने से कमर दर्द में लाभ होता है।

    * गेहूँ की रोटी एक ओर से सेंक लें और एक ओर से कच्ची रखें। कच्ची की ओर तिल का तेल लगाकर दर्द वाली जगह बाँध दें। दर्द दूर हो जायेगा।

    * कमर दर्द होने पर एरण्ड के बीज की 5 मींगी दूध में पीस कर पिलाने से लाभ होगा।

    * जायफल पानी में घिसकर तिल के तेल में मिलाकर अच्छी तरह गर्म करें। ठण्डा होने पर कमर पर मालिश करें, लाभ होगा। कमर दर्द में एक चम्मच अदरक के रस में आधा चम्मच घी मिलाकर पीना चाहिये।

    * सहजन के फूल या फली की सब्जी खाना कमर दर्द में लाभदायक है।

    * कमर में दर्द होने पर यदि बादाम के तेल से कमर की मालिश करें तो कमर का दर्द जल्दी ही दूर हो जाता हैं।

    * सोंठ को मोटा-मोटा पीसकर 2 कप पानी में उबालकर काढ़ा बना लें, जब आधा कप पानी बचे तब उतारकर ठण्डा कर लें और इसमें 2 चम्मच अरण्डी का तेल डालकर सोने से पहले कमर में लगायें, दर्द में आराम मिलेगा।

    * गठिया के दर्द, सिर दर्द एवं कमर के दर्द में लौंग के तेल की मालिश करने से आराम पहुँचता है। 

    * राई के तेल तथा तिल तेल को समान भाग में लेकर शीशी में डालकर हिला लें। जहाँ पर ज्यादा दर्द है, वहाँ पर ऐसे तेल की मालिश करने पर दर्द खत्म होकर खुजली नष्ट हो जाएगी। 

    * कमर दर्द हो तो सोंठ का चूर्ण या अदरक के रस को नारियल के तेल में उबालकर मालिश करें। 

    * कमर की हूक (पीठ दर्द) में एक चम्मच काला नमक सादे पानी से दिन में दो बार लें। 

    * शरीर के किसी भी स्थान के दर्द में जायफल का लेप आराम देता है।

    * बरगद की 4-5 कलियाँ पीस लें। चटनी की तरह सुबह नाश्ते में परांठे या ब्रेड के साथ इस चटनी को खा लें। कमर दर्द दूर होगा, कमर मजबूत हो जायेगी।

    * ग्वारपाठा का थोड़ा-सा गूदा आटे में मिलाकर इसकी बाटी बनाकर राख में अच्छी तरह सेक लें और शुद्ध घी में हुबोकर इसे खूब चबा-चबाकर (प्रतिदिन बाटी) खाने से कमर व जोड़ों के दर्द में आराम होता है। इस वाटी का चूरमा बनाकर इसमें भी-शक्कर डाल कर भी खा सकते हैं। 

    * खस और मिश्री दोनों समभाग लेकर कूट से 5 ग्राम प्रातः तथा 5 ग्राम रात को लेकर गर्म दूध पी लें। कमर दर्द जाता रहेगा। 

    * खसखस (पोश्तदाना) और काली मिर्च समभाग लेकर कूटपीस कर कपड़छन कर लें प्रातः व रात को सोने से पूर्व 5-5 ग्राम की मात्रा फाँक कर ऊपर से गुनगुना दूध पीने से कमर दर्द में बहुत जल्द लाभ होता है। 

    * खुरासानी अजवाइन के चूर्ण को तिल के तेल में मिलाकर मालिश करने से संधिवात, कमर दर्द आदि में लाभ होता है।

    * लौंग के तेल की मालिश करने से कमर, गठिया एवं जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

    * दूध में सोंठ का चूर्ण डालकर सुबह-शाम लेने से कटिशूल मिटता है। 

    * एकपोथिया लहसुन 100 ग्राम लेकर सिल पर पीस कर 2 किलो दूध में खौलाकर खोवा बना लें। 100 ग्राम मिश्री मिलाकर 10-10 ग्राम के लड्डू बना लें। 1-1 लड्डू सुबह-शाम खाकर दूध पीने से लाभ होगा।

    * एक किलो सरसों के तेल में 250 ग्राम लहसुन की कली डाल कर आग पर तब तक गरम करें जब तक लहसुन जल न जाये। इस तेल को छान कर शीशी में भर लें तथा दो दफा कमर की मालिश करें। 

    * असगन्ध और सोंठ बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। 1-1 ग्राम दिन में 2 बार दूध के साथ लेने से कमर दर्द दूर हो जाता है।

    * छुहारे की गुठली निकालकर उसमें शुद्ध गूगल भर दें। फिर छुहारे को मोटे आटे का लेप करके आग पर लाल होने तक सेंकें। सिक जाने के उपरांत इसे ठंडा करके आटे को उतारकर फेंक दें। जले हुए छुहारे और गूगल को कूट कर मटर जैसी गोली बना लें। प्रात:सायं एक-एक गोली गुनगुने दूध के साथ सेवन करें। भीषण कमर दर्द व अन्य दर्दों में रामबाण औषधि है। 

    * कमर या घुटने में दर्द होने पर नागौरी असगंध-100 ग्राम, दानामेथी- 100 ग्राम, विधारा-100 ग्राम, सोंठ-25 ग्राम। उक्त सभी औषधियों को कूट कर कपड़छन कर चूर्ण करके साफ सूखी शीशी में भर लें। मात्रा - एक छोटी चम्मच भर प्रातः सायं जल से। 

    विशेष — यह रोगी स्त्रियों को रजोनिवृत्ति की अवस्था में भी लाभकारी है। स्त्री-पुरुष बल-वृद्धि तथा वजन बढ़ाने हेतु भी इसका सेवन कर सकते हैं। 

    * 250 ग्राम सरसों के तेल में 60 ग्राम देशी कपूर मिलाकर एक शीशी में भर कर धूप में रख दें। जब कपूर पिघल जाए तब इस तेल की मालिश दर्द वाले स्थान पर करने से लाभ होता है। 

    * अजवाइन को स्वच्छ वस्त्र में लेकर उसकी पोटली बनाकर तवे पर गर्म करें तथा कमर पर उससे सेंक करें।

    * जीरा और शक्कर का पानी नियमित सेवन करने से एक पखवाड़े में ही कमर का दर्द और प्रदर सम्बन्धी विकारों में राहत मिलती है। 

    * दस ग्राम वेसलीन में चार बूँद अमृतधारा मिलाकर शरीर के सर्व प्रकार के दर्द पर मालिश करने से दर्द में फायदा होता है।


    होम्योपैथिक दवाओं से Kamar Dard Ka Ilaj 

    1. कैलि-ऑक्जैलिक 6-30- कमर दर्द में अत्यधिक यन्त्रणा होने पर।

    2. कैल्केरिया फ्लोर 6,30- चलना आरम्भ करते समय दर्द हो, तथा थोड़ा चलने के बाद दर्द न रहे तो इसे देना चाहिये।

    3. एसिड ऑक्जेलिक 6-30- हिलने से कमर में दर्द घटता हो तो इसे है। 

    4. ऐलो 6- थोड़ा-सा हिलने-डुलने से दर्द बढ़ता हो तथा नितम्ब की हड्डी के भीतर मुई जैसी चुभन हो।

    5. ऐमोन म्यूर 6- मेरुपुच्छ में कुचले जाने जैसा दर्द, बैठ न पाना, सोते समय यन्त्रणा वृद्धि एवं नितम्ब को हड्डी में खींचकर पकड़ रखने जैसा दर्द। 

    6. एसिड लैक्टिक 6 - कमर दर्द जो कन्धे तक जाता हो तथा कमर के नीचे दर्द जो चलने पर बढ़ता

    हो । 

    7. एब्रोटेनम 6 - कमर में दर्द, गाँठों में कड़ापन तथा उनका जकड़ा हुआ रहना एवं लंगड़ाकर चलना।

    8. कार्बोनियम सल्फ 6- नियमित रूप से कमर में दर्द बाँचे उम्र में सुई निधने जैसे चिलक मारने वाला दर्द तथा चला न जाये।

    9. कैलिकार्य 6-30 - सर्वप्रथम कमर में दर्द आरम्भ होना, इसके बाद नितम्ब में, नितम्ब से उस में चले जाना, बिल्कुल चल फिर न पाना, चलते-चलते बैठ जाना। बिस्तर पर न सो पाना 

    10. कोबाल्टम 6 - स्त्री सहवास अथवा स्वप्नदोष के बाद तथा बैठने पर कमर का दर्द बढ़ जाना, बाद में खड़े होने, चलने, सोने पर घटना ।

    11. बर्बेरिस 3-6 - दर्द कमर से आरम्भ होकर सम्पूर्ण शरीर में फैल जाना उरु में उतरना, लाल रंग का पेशाब तथा उसमें श्लेष्मा जैसी तलछट का जमना । 

    12. ब्रायोनिया 6-30 - हर बार हिलने-डुलने पर दर्द में वृद्धि।

    13. फेरम मेट 6-30 - कमर में वात का दर्द, सोते समय बढ़ जाना और धीरे-धीरे चलने-फिरने से घटना । 

    14. सैलिक्स नाइया 6-30 - कमर के दर्द के कारण शीघ्रता से न चल पाना।

    15. स्टैफिसेमिया 6-30-200 - कमर का दर्द जो रात के समय तथा बिस्तर छोड़ने से पूर्व बढ़

    जाता हो।

    16. लिखित बेंजो 6 -कमर में खूब भीतर की ओर तथा चूतड़ में दर्द होने पर।


    बायोकैमिक दवाओं से Kamar Dard Ka Ilaj 

    1. कमर में घोर पीड़ा, टनटनाहट, उठने-बैठने में वर आदि विकार होने पर, फेरमफॉस अथवा नेट्मफॉस की मालिश करना अत्यधिक लाभकारी रहता है।

    2. कैल्केरिया फलोर 3x, कैल्केरिया फॉस 3x या 12x, काली सल्फ 3x, नैट्रम म्योर 3x, साइलीशिया 12x, फेरम फॉस 12x, काली फॉस 3x, मैग्नेशिया फॉस 3x, नैट्रम फॉस 3x, नेट्रम सल्फ 3x मिला कर दीजिये। लाभ न हो तो सिर्फ काली म्यूर 3x दीजिये।।

    3. कूल्हे में दर्द- कैल्केरिया फॉस

    4. कूल्हे में शूल का दर्द-नेट्रम म्यूर ।


    एलोपैथिक दवाओं से Kamar Dard Ka Ilaj 

    खाने हेतु -

    Flexon

    Combiflam

     Anaflam

    Diclo RhumativeMR

    Powergesic

    Redugesic 

    Voveran 

    Diclosan

    Dolonex 

    Movon 20


    लगाने हेतु - 

    Fax Lotion 

    Sensur Lotion

    Dolopar ointment

    Voveran gel 

    Tendalgesic Lotion

    Dicloran gel

    फिजिओथेरपी से Kamar Dard Ka Ilaj 

    फिजियोथेरेपी में Kamar Dard Ka Ilaj मरीज की कंडीशन के हिसाब से किया जाता है। इसके लिए सबसे पहले मरीज का प्रॉपर एग्जामिनेशन किया जाता है और Kamar Dard के कारणों का सही पता लगाया जाता है। 

    अलग - अलग मरीज में भिन्न - भिन्न वजहों से कमर का दर्द हो सकता है। इसके लिया ये जानना बहुत जरुरी होता है कि दर्द किस तरह का है। जैसे - Acute Back Pain, Sub-Acute Back Pain, or Chronic Back Pain, इनमे से कोण सा दर्द है और उसकी सही वजह क्या है। 

    इसलिए मरीज का असेसमेंट लेना बहुत जरुरी है। मरीज की कमर दर्द की कई वजह हो सकती हैं जैसे - कोई नई या पुरानी चोट लगी हो, कोई एक्सीडेंट हुआ हो, या कभी उस दर्द वाले हिस्से में या आस - पास में कोई इन्जरी या फ्रैक्चर हुआ हो, कोई इन्फेक्शन हो, कैंसर हो, एन्कोलाइजिंग स्पोंडिलोसिस हो इत्यादि। 

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     फिजियोथेरेपी से Kamar Dard Ka Ilaj मोस्टली 2 तरीकों से किया जाता है। 

    1. एक्टिव फिजियोथेरेपी 
    2. पैसिव फिजियोथेरेपी 
    1 - एक्टिव फिजियोथेरेपी में Kamar Dard Ka Ilaj के लिए :-
    • कमर दर्द को दूर करने वाली एक्सरसाइज करवाई जाती है।
    • स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करवाई जाती है।  
    • डायनेमिक स्टेबिलाइजेशन एक्सरसाइज करवाई जाती है। 
    • कोर स्ट्रेंग्थेनिंग एक्सरसाइज करवाई जाती है।
    2 - पैसिव फिजियोथेरेपी में Kamar Dard Ka Ilaj के लिए :-
    • डायाथर्मी या हायड़्रोकुलेटर का यूज़ करते हैं। 
    • टेन्स मशीन का यूज़ करते हैं। 
    • अल्ट्रासाउंड मशीन का यूज़ करते हैं। 

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